Sunday, May 17, 2015

प्राणायाम

महायोग चक्र दर्शन---- प्राणायाम द्वारा -पूरक (वायु शरीर के भीतर ले जाना) कुम्भक (वायु अंदर घट के भाँति स्थिर करना)रेचक(वायु शरीर के बाहर धीरे धीरे छोडना) मात्रा इस प्रकार है> कनिष्ठ प्राणायाम 12 -48 -24 . मध्यम प्राणायाम 24 -96 -48 . उत्तम प्राणायाम 36 -144 -72 .इस योग क्रिया से प्राण-अपान को मिथः मिलाना या अक्समात प्राण गति विच्छेद करना इसे संघटकरण प्राणायाम कहते है ।इस समय योगी साधारणता ॐ की मात्रा लगा कर मँत्र उच्चारण करके प्राणायाम कहते है ।

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प्रभु को दर्सन को लागि तल कीलिक गरि हेर्नु होला