योग साधना के आठ अँग- जीव को परमार्थ तत्त्व का ग्यान प्राप्त होना ही
योग कहा जाता है और चित्त की एकाग्रता सर्वदा उन्हीँ शिव के अनुग्रह से
होती है । हे श्रेष्ठ बँधुओँ ! चित्त की वृत्तियोँ पर नियन्त्रण करना ही
योग है । सिद्धि प्राप्ति के लिए इस योग के आठ प्रकार बताए गये हैँ ।
पहला साधन यम, दूसरा नियम, तीसरा आसन, चौथा प्राणायाम, पाँचवाँ
प्रत्याहार, छठा धारणा, सातवाँ ध्यान तथा आठवाँ साधन समाधि कहा गया है ।

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